दिल की आवाज
Author: Rekha Gupta
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories
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कभी खामोशी में भी शोर होता है,
जब दिल बहुत कुछ कहना चाहता है।
हर मुस्कान के पीछे एक कहानी है,
जो आँखों की नमी बयां कर जाती है।
हमने भी चाहा था टूटकर किसी को,
पर खुद को ही खो बैठे उस चाह में।
सबको संभालते-संभालते उम्र गुजर गई,
दिल रह गया कहीं बीच राह में।
कुछ सपने नींद में ही रो पड़े,
कुछ ख्वाहिशें हक़ माँगती रहीं।
लोग कहते रहे—सब ठीक है,
पर ये दिल की दरारें दिखती नहीं।
अब भी उम्मीद की एक लौ जलती है,
हर दर्द से लड़ने का हुनर है इसमें।
टूटकर भी जो धड़कता रहता है,
वो दिल ही तो है…
जो अब भी ज़िंदा है सीने में।
Dil ki aavaj
Rekha Gupta
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