बेइंतहा इंतज़ार"

📌 Author: Deepak choudhary ( founder of LafzBindu)
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories 
📧 Support: pratilipi 

इस कविता को गाने के रूप में सुनें 🎵

▶ Version 1

▶ Version 2

बेहतर अनुभव के लिए दोनों संस्करण ज़रूर सुनें 🎧



इतना दर्द में हूँ मैं, कोई हमदर्द भी नहीं है,
सच तो ये है कि जो हमदर्द था,
दर्द का कारण भी वही है।”

रोज सहरागरी करता हूँ मै,
 और वह चैन की नींद लेता है 
उसे बताओ कोई कि दूर होकर भी
 मुझे बेइंतहा दुःख देता है।।।

रोज रोज आने की गुहार लगाता हूं 
लेकिन वह नकार देता है
फिर क्यों हर रात सपनों में आकर
मुझे इतना प्यार देता है।।।

क्यों नहीं आता है वह, किस बात का गुरूर है 
वो भी जनता है , एक दिन आना जरूर है
वो कहे तो उसके कदमों में लेट जाऊंगा मैं 
“वो आए तो सही, उसका इंतज़ार हीं दिल का दस्तूर है.”



DEEPAK CHOUDHARY 

कोई टिप्पणी नहीं

Blogger द्वारा संचालित.
LafzBindu Membership Writer Membership Writer