यार...बहुत याद आते हैं
Author: Deepak choudhary ( founder of LafzBindu)
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories
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Note: जहां विराम नहीं है उसे बिना रुके पढ़े—
वो जो रहते थे तैनात हमेशा
मिलने को बेताब हमेशा
वो कोई और नहीं मेरे यार हीं थे
जो कभी रहते थे मेरे साथ हमेशा
आज ढूँढे तो भी नहीं मिलते
बुलाए तो भी नहीं आते
लगता है वो भुलाते जा रहे है
हौले–हौले से दूर जाते जा रहे है
खैर,
बदल गई ये दुनिया,अपने ही किरदार बदल गए
किसी–किसी के घर तो किसी के संसार बदल गए
प्यार मेरे यार थे और सारे यार बदल गए
इतने हो गए बिज़ी अपनी ज़िंदगी में
कॉल करूँ तो उठाते नहीं हैं
वेट करता हूँ उनके कॉल का
लेकिन उनके कॉल अब आते नहीं हैं
माना बिज़ी होना बनता है
पर कुछ पल यार का भी तो होता है..
पहले घर जाता, तो उतरते ही बस से उन्हीं से मुलाक़ात होती थी
घरवालों से बाद में, पहले इनसे ही बात होती थी
आज बुलाने पर भी वे नहीं आते हैं
इधर-उधर का काम बताकर बहाने गिनाते हैं
शिकायत नहीं है, बस अफ़सोस यही है,
कि कभी जो अपने थे, आज दूर हो जाते हैं।
लेकिन हालात चाहे जैसे भी हों,
वो मेरे यार हैं—और बहुत याद आते हैं।
Yar... bahut yad aate hai
Deepak choudhary
#lafzbidnu
Pratilipi
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