अधूरा अफसाना


Author: Rekha Gupta 
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories


अधूरा है ये अफ़साना,
कुछ लफ़्ज़ों में दबा सा है,
जो कह न सके कभी हम,
वो खामोशी में लिखा सा है।

मिले थे हम किसी मोड़ पर,
सपनों की हल्की धूप लिए,
वक़्त ने ऐसे हाथ छुड़ाया,
रह गए बस कुछ ख़्वाब जिए।

न शिकवा है, न शिकायत कोई,
बस एक टीस सी बाकी है,
जो पूरा हो न सका कभी,
वो चाहत आज भी साथी है।

अगर मुकम्मल हो जाता ये,
तो दर्द को क्या पहचान मिलती,
अधूरे अफ़सानों से ही शायद,
ज़िंदगी को गहराई मिलती।

                   ADHURA AFSANA 

REKHA GUPTA POEM LAFZBINDU 

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