तेरे इश्क़ में लुटा बैठे है


Author: Alka Tiwari ( membership writer )
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories 
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Version 1

Version 2


"तेरे इश्क़ में सारा जहाँ लुटा बैठे हैं,
अपनी ही पहचान, अपने हर हाल लुटा बैठे हैं।

तेरी एक मुस्कान ने सब कुछ बदल डाला,
हम भी अपनी दुनिया सारा लुटा बैठे हैं।

रातों की खामोशी अब हमसे बातें करती है,
नींद, सुकून और हर चैन हम लुटा बैठे हैं।

कहना था बहुत कुछ, कह न पाए कभी,
मन की हर बात, हर सवाल हम लुटा बैठे हैं।

तेरी यादों में हर पल खो जाने लगे,
हर खुशी, हर ग़म हम तेरे नाम लुटा बैठे हैं।

सपनों की दुनिया अब बस तेरे साथ जिएँ,
हकीकत और ख्वाब में हम दोनों लुटा बैठे हैं।

दिल की धड़कन भी अब तेरा ही गीत गाए,
हर सांस में हम तुझको बस महसूस लुटा बैठे हैं।

तेरे प्यार की रोशनी में सब अँधेरा मिट गया,
हम अपने ही डर, अपने ही दर्द लुटा बैठे हैं।

पूछे जो कोई क्या पाया इस इश्क़ में,
मुस्कुरा कर कह दें, हम खुद को ही लुटा बैठे हैं।"


Alka tiwari.......

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