सिर्फ़ तुम
Author: Rekha Gupta
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories
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इस कविता को गाने के सुने
"इस भीड़ भरी दुनिया में,
अगर किसी एक नाम पर,
दिल ठहर जाए,
तो वो नाम
सिर्फ तुम हो।
मेरी हर ख़ामोशी का मतलब,
तुम तक ही आकर रुकता है,
मेरी हर दुआ का पता,
सिर्फ तुम हो।
जब थक जाती हूँ शब्दों से,
तो तुम्हारी एक मुस्कान,
पूरा जवाब बन जाती है।
मेरी हर कमी की,
पूर्ति सिर्फ तुम हो।
ना पाने की ज़िद है,
ना खोने का डर।
बस जो है —
वो एहसास,
वो सुकून,
वो यक़ीन
सिर्फ तुम हो।
अगर ज़िंदगी फिर से लिखनी पड़े,
तो हर पन्ने पर,
एक ही इबारत होगी—
मेरी कहानी,
मेरी चाहत,
मेरी दुनिया…
सिर्फ तुम।"
रेखा गुप्ता
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Pratilipi
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