मैं हारने के लिए नहीं बनी
Author: soulfull life
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories
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बहुत सी बातें ऐसी होती हैं। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो हमें सिर्फ़ निराशा ही देते हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि सबसे पहले हम ख़ुद ही दूसरों से उम्मीदें करने लगते हैं।
हम सोचते रहते हैं कि यह मेरा अच्छा दोस्त है, यह मेरी बातें सुनेगा, मेरा साथ देगा।
लेकिन जब उसके पास कोई और होता है, तो वह मेरी ही बात क्यों सुनेगा?
मैं भी सबसे ज़्यादा यही उम्मीद करती रही हूँ कि वह मुझे प्राथमिकता दे।
लेकिन वह क्यों देगा?
सबके पास मुझसे बेहतर कोई न कोई है, तो वह मुझे ही क्यों प्राथमिकता देगा?
इसी वजह से रोज़ रोने का मन करता है, लेकिन रो भी नहीं पाते।
किसी से अपनी परेशानियाँ कह नहीं पाते।
यह बहुत मुश्किल होता है।
लेकिन अपने दिमाग़ को समझाओ कि शायद तुम किसी रिश्ते के लिए बने ही नहीं हो।
तुम्हारी ज़िंदगी में वह चीज़ है ही नहीं।
तो बस चुपचाप रिश्ते निभाओ, बिना किसी उम्मीद के।
तुम्हारी हालत बहुत ख़राब हो सकती है,
लेकिन ख़ुद को खुश रखने की कोशिश करो।
मुझे पता है, किसी भी चीज़ में मन लगाना आसान नहीं होता, फिर भी कोशिश करते रहो।
दूसरों की अनदेखी की वजह से ख़ुद को दुखी मत करो,
और ख़ुद को नुकसान मत पहुँचाओ।
नकारात्मक मत बनो।
ज़िंदगी में बस उम्मीद रखो और आगे बढ़ते रहो।
छोटी-छोटी चीज़ों में खुशी ढूँढो,
चाहे ज़िंदगी कितनी भी मुश्किल क्यों न हो।
यह कोई आसान बात नहीं है,
और तुम आसान ज़िंदगी के लिए नहीं बने हो।
तुम मुश्किलों से लड़कर जीतने और जीने के लिए बने हो।
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Pratilipi
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