खामोश जख्म — (part-1)
Author: Alka Tiwari ( membership writer )
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories
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ऑडियो वर्जन
"शहर की वह सड़क हमेशा की तरह भीड़ से भरी हुई थी।
चारों ओर गाड़ियों का शोर, लोगों की जल्दबाज़ी, दुकानों की आवाज़ें और बारिश के बाद की नमी हवा में घुली हुई थी। सड़क पर जगह-जगह पानी भरा था, कहीं कीचड़, कहीं टूटे पत्थर। यह वही सड़क थी जहाँ हर रोज़ सैकड़ों लोग गुजरते थे, लेकिन आज यही सड़क किसी की ज़िंदगी की दिशा बदलने वाली थी।
अद्वय तेज़ क़दमों से चल रहा था।कंधे पर पुराना बैग, पैरों में घिसे हुए जूते और चेहरे पर वह थकान जो सिर्फ़ जिम्मेदारियों से होती है।
उसकी नज़रें नीचे थीं, क्योंकि सामने की दुनिया से आँख मिलाने की आदत उसे नहीं थी।
घर की टूटी छत, पिता की दवाइयाँ, माँ की चिंता सब कुछ उसके क़दमों के साथ चल रहा था।
वह अपने इन्हीं विचारों में उलझा हुआ आगे चला जा रहा था ।दूसरी तरफ से एक लड़की तेज कदमों से चलती हुई सामने से आ रही थी
उसके कदमों की आवाज़ अलग थी।उसकी चाल में आत्मविश्वास था, रुतबा था, और यह एहसास भी था कि जिस रास्ते से वह चलती है लोग उसके सम्मान में दुनिया उसके रास्ते से हट जाती है।
महंगे कपड़े, हाथ में फ़ाइल, आँखों में वही ठंडा घमंड जो सिर्फ़ ताक़त और पैसे से आता है।
उसके चारों ओर जैसे एक अदृश्य दायरा था जिसमें कोई आम आदमी घुसने की हिम्मत नहीं करता।
अन्वी का ध्यान सड़क पर नहीं था।वह फ़ोन पर बात कर रही थी, हँस रही थी, जैसे पूरी दुनिया उसकी सुन रही हो।उसे आदत थी कि लोग रास्ता देखे वह नहीं लोग उसके सामने से खुद हट जाए और उसके लिए रास्ता बनाएं,
और तभी सामने से अपने विचारों में उलझा हुआ अद्वय अन्वी से टकरा जाता है
टक्कर इतनी जोर से होती है कि अन्वी के हाथ से फाइल्स नीचे जमीन पर गिर जाती है जो पूरा भीग जाता है
अन्वी की नजर जैसे नीचे अपनी फाइल्स पर जाती है गुस्से से लाल हो जाती है,
कहती अंधे हो क्या दिखाई नहीं देता पता नहीं कहां से ऐसे लोग आ जाते हैं
उसकी आवाज़ तेज़ थी, कड़वी थी, और सीधे आत्मसम्मान पर वार करने वाली।
अद्वय एकदम सन्न रह गया।उसने तुरंत सिर झुकाया और फ़ाइल उठाने के लिए झुक गया।
माफ कीजिएगा मैं थोड़ा सा अपनी विचारों में उलझा था ध्यान नहीं दिया,उसकी आवाज में सच्चाई था उसको सच में फील हुआ था कि उसकी गलती की वजह से अन्वी की फाइल नीचे गिर गई और पानी में भीग गई।
पर अन्वी को माफी नहीं चाहिए थी उसे तो बस अद्वय
को नीचा दिखाना था
माफ़ी?
वह हँसी ऐसी हँसी जिसमें दया नहीं, सिर्फ़ तिरस्कार था।तुम जैसे लोगों को माफ़ी मांगने का भी हक़ किसने दिया?
भीड़ में कुछ लोग रुक गए।कुछ ने मुस्कुरा कर तमाशा देखने का मन बना लिया।
अन्वी ने नीचे से पेपर उठाएं और झटके से पेपर को झाड़ा उसका सारा पानी अद्वय के फेस पर गिरा
पता है ना, तुम जैसे लोग सड़क पर क्यों चलते हो
उसने ऊँची आवाज़ में कहा, ताकि सब सुनें।
क्योंकि तुम्हारी औक़ात फुटपाथ से ज़्यादा की होती ही नहीं।
अन्वी की यह शब्द अद्वय के दिल में तीर की तरह चुभे उसके हाथ कांप रहे थे उसकी उंगलियां फाइलों पर कस गई और उसने पहली बार सर उठाया और अन्वी की तरफ देखा उसकी आँखों में आँसू नहीं थे।
वहाँ गुस्सा भी नहीं था।वहाँ कुछ और था टूटा हुआ आत्मसम्मान।
अन्वी ने उसे ऊपर से नीचे देखा।उसके पुराने जूते, सस्ते कपड़े, झुका हुआ कंधा।
अगली बार मेरे रास्ते में आने की हिम्मत मत करना अगर हिम्मत करना तो पहले उसे लायक बन जाओ नहीं तो ऐसे ही ठोकरे खाते फिरोगे।
अद्वय ने एक शब्द नहीं कहा उसने फाइल अन्वी की तरफ बढाई उसके हाथ कांप रहे थे
अन्वी ने उसके हाथ से फाइल ऐसे पकड़ा ,कहीं उसका हाथ अद्वै के हाथ से टच ना हो जाए,और उसके हाथ में गंदा न लग जाए।
जाओ, उसने हाथ झटकते हुए कहा,और अपनी दुनिया में ही रहो।
एक पल को लगा अद्वय कुछ बोलेगा पर वह चुप रहा।
वह चुप इसलिए नहीं था कि वह कमज़ोर था।
वह चुप इसलिए था क्योंकि उसके पास लड़ने के लिए अभी सिर्फ़ ख़ामोशी थी।
वह पीछे हटा भीड़ उसके लिए फिर से अदृश्य हो गई।
लेकिन उसकी पीठ के पीछे, अन्वी की हँसी गूँज रही थी।
अन्वी ने बिना पीछे देखे सड़क पार की।उसके लिए यह सिर्फ़ एक छोटा-सा हादसा था।एक गरीब लड़का, एक मामूली टकराहट, एक पल का मनोरंजन।
लेकिन अद्वय वहीं खड़ा रहा।सड़क पर गिरती बारिश अब उसे भिगो रही थी।भीगे पेपर्स, भीगा बैग, और उससे भी ज़्यादा भीगा हुआ आत्मसम्मान।
उसने कस करके अपने हाथों की मुट्ठी बांध ली और गुस्से को कंट्रोल करने लगा
उसके दिमाग में एक ही बात चलने लगी की एक दिन यही लोग मेरे सामने झुकेंगे और सबको मैं अपने सामने झुकाऊंगा यह मेरा खुद से वादा हैउसके मन में अन्वी के प्रति और गरीबी और अमीरी को लेकर के नीचे दिखाने वाले लोगों के प्रति नफरत पैदा हो गई थी
आने वाले समय में अद्वय और अन्वी एक दूसरे के सामने आएंगे तो क्या नफरत और टकराहट और बढ़ेगी या दूरियां कम होंगी।
मिलते हैं अगले भाग में🙏"
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