पलकों की छांव में

Author: Rekha Gupta (membership writer)
📍 Location: India
✍️ Writes: Poetry / Stories 
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🎧 नीचे इस कविता को गीत के रूप में सुनें 🎧

"पलकों की छांव में
कुछ सपने सो जाते हैं,
जो दुनिया की रोशनी में,
कभी पूरे नहीं हो पाते ।

तेरे ख्यालों में,
तेरी यादें ठहर जाती हैं,
बंद आँखों में भी,
तेरी तस्वीर मुस्कुराती है।

यहाँ न सवाल होते हैं,
न जवाबों की भीड़,
बस धड़कनों की सरगोशी है,
और एहसासों की नींद।

पलकों की छांव में,
दर्द भी सुकून बन जाता है,
क्योंकि तेरी मौजूदगी का,
भ्रम ही बहुत कुछ सिखा जाता है।

अगर कभी थक जाऊँ,
इस शोर भरी दुनिया से,
तो सिमट जाऊँ,
पलकों की उसी छांव में—
जहाँ तुम अब भी,
मेरे अपने हो।"

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