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Saturday, May 9, 2026

बेइंतहा इंतजार

इतना दर्द में हूँ मैं, कोई हमदर्द भी नहीं है,
सच तो ये है कि जो हमदर्द था,
दर्द का कारण भी वही है।”

रोज सहरागरी करता हूँ मै,
 और वह चैन की नींद लेता है 
उसे बताओ कोई कि दूर होकर भी
 मुझे बेइंतहा दुःख देता है।।।

रोज रोज आने की गुहार लगाता हूं 
लेकिन वह नकार देता है
फिर क्यों हर रात सपनों में आकर
मुझे इतना प्यार देता है।।।

क्यों नहीं आता है वह, किस बात का गुरूर है 
वो भी जनता है , एक दिन आना जरूर है
वो कहे तो उसके कदमों में लेट जाऊंगा मैं 
“वो आए तो सही, उसका इंतज़ार हीं दिल का दस्तूर है।।

                                           Deepak choudhary 

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