🌸रसोई से निकलता मेरा स्वप्न🌸
Author: Alka Tiwari
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories
सुबह की पहली किरण संग,
जब जलता है चूल्हा,
एक नई कहानी लिखती हूँ,
बिना कागज़, बिना कलम के।
बर्तन की छनक में गूँजते हैं,
मेरे अधूरे ख्वाब,
और मसालों की खुशबू में,
घुलती हैं मेरी उम्मीदें।
मैं गूँथती हूँ आटे में जीवन का स्वाद,
हर रोटी में रखती हूँ आशीर्वाद।
पर कहीं धुएँ के बीच,
एक सपना भी उठता है साथ।
हाँ, मैं गृहिणी हूँ
पर रसोई से केवल ख़ुशबू नहीं,
स्वप्न भी निकलते हैं मेरे,
जो उड़ते हैं पराठों की भाप के संग।
कभी किताबों की खिड़की से दुनिया देखना चाहा,
कभी ख्वाबों की गहराई में खो जाना चाहा।
कभी मंच पर बोलना चाहा,
कभी कविता बन जाना चाहा
जो खुद ही अपना साक्षी हो।
अब जाना है कि मेरा हर पकवान,
केवल स्वाद नहीं, साधना है।
रसोई मेरी प्रयोगशाला है,
जहाँ मैं जीवन के रंग मिलाती हूँ।
मैंने सीखा है
कढ़ाई में छिपे सपने भी पलते हैं,
बस थोड़ी गरमी, थोड़ी देखभाल,
और वो ज़िंदा हो उठते हैं।
हाँ, मैं गृहिणी हूँ,
पर मेरी रसोई से उठते हैं विमल स्वप्न
जो मुझे दुनिया से जोड़ते हैं,
और अपनी पहचान दिलाते हैं।
Rashoi se nikalta Mera svapna
✨ Aℓ𝓴𝘢
#lafzbindu
Pratilipi
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