कुछ तो लोग कहेंगे
Author: Rekha Gupta
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories
कुछ तो लोग कहेंगे,
जब मैं चुप रहूँ तो सवाल,
जब बोलूँ तो कहेंगे—
“औरत को शोभा नहीं ये हाल।”
घर संभालूँ तो बस यही पहचान,
बाहर निकलूँ तो चरित्र पर वार,
ख़्वाब देखूँ तो हिम्मत कहाँ से आई,
सपने भी पूछें मेरा आधार।
सहन करूँ तो देवी बना दें,
लड़ूँ तो बदतमीज़ कहेंगे,
हर फैसले पर उँगली उठाकर,
मेरे हक़ को ही कसौटी कहेंगे।
कपड़ों से नापेंगे इज़्ज़त मेरी,
मुस्कान भी शर्तों में बाँधेंगे,
मेरे होने से असहज होकर,
मुझ पर ही इल्ज़ाम मढ़ेंगे।
पर अब मैंने सुनना छोड़ दिया,
उन शोर भरी आवाज़ों को,
मैं औरत हूँ—कमज़ोर नहीं,
मैंने पहचान दी अपने जज़्बातों को।
कुछ तो लोग कहेंगे,
ये अब मेरी कमजोरी नहीं,
मैं अपने सच पर चलती हूँ,
क्योंकि मेरी चुप्पी अब ज़रूरी नहीं।
KUCHH TO LOG KAHENGE
REKHA GUPTA
#LAFZBINDU
Pratilipi
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