मैं और मेरी ख़ामोशी
🖊️ Pen name: soulfull life
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories
यह दिल बड़ा अजीब है,
जो बीते हुए उन पलों की याद दिलाता है,
जो ऐसे गुज़र गए
जैसे हवा हो,
लेकिन फिर भी दिल के बहुत क़रीब हैं।
जिन्हें याद करके
आँखें नम हो जाती हैं,
जिनका नाम लेते ही
दिल भर आता है।
कभी कुछ बातों की शिकायत है,
तो कभी कुछ बातों की सिसकियाँ हैं।
कुछ लोग ऐसे हैं
जो दिल से जुड़ गए,
और कुछ ऐसे भी
जो दिल तोड़ गए।
लेकिन सबमें बस एक ही बात थी—
सब मुझे अकेला कर गए।
न किसी ने मुझे अपना समझा,
न किसी ने मेरे सपनों को जाना।
आज मैं ख़ामोश हूँ,
और तन्हा हूँ।
शायद आज नहीं, तो कल सही,
कोई तो होगा
जो मेरी ख़ामोशी भी समझेगा,
जो मेरी तन्हाई में भी
मेरा हाथ थामेगा।
Mai Aur meri khamoshi
Soulfull life
Sad poem LafzBindu
Pratilipi
Post a Comment