फिर क्यों मेरे दिल से नहीं जाती हो


By Deepak choudhary ( Founder of LafzBindu)


अगर तुम चली गई थी, तो चली ही जाती,
फिर क्यों मेरी यादों में बार-बार आती हो?
क्यों हर रात मेरे ख्वाबोंं को सजाती हो,
और मुझे इतना  तड़पाती हो,रोज रुलाती हो
तुम जाओ ना यार , मैंने रोक थोड़ी रखा है,
फिर क्यों मेरे दिल  से  नहीं जाती हो?

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