काश एक ऐसा दिन आता
Author: Deepak choudhary ( founder of LafzBindu)
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories
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HAI
"मानों एक ऐसा दिन आता,
तेरा मुखौटा लगाए कोई सामने आता।
देखे उसे मैं कितना खुश हो जाता,
देखते ही पहचान जाऊँ इतना मुझमें हुनर नहीं,
पर इतना है कि पहचान ज़रूर जाता।
तब सारी खुशियाँ छिन जातीं,
क्योंकि मुझे मुखौटे में तुम नहीं, तुम चाहिए।
काश! कभी तुम भी आता
तो गले से लगता, बालों को सहलाता
सारे दुख सुनता, कि कैसे तेरे इंतज़ार में इतने साल गुजारा
काश! एक ऐसा दिन भी आता………"
Pratilipi
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