अगर तुम न होते—रोमांटिक कविता
Author: Rekha Gupta ( membership writer)
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories
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🎵 इस कविता को गीत के रूप में सुनें 🎵
"अगर तुम न होते, ये दुनिया अधूरी सी लगती,
हर सुबह बेनूर, हर शाम सूनी सी लगती।
न रंगों में चमक होती, न सपनों में उड़ान,
मेरी हंसी भी जैसे बेमानी सी लगती।
अगर तुम न होते, दिल को सहारा न मिलता,
बहते जज़्बातों को किनारा न मिलता।
हर रास्ता भटक जाता अंधेरों के सफर में,
उम्मीदों को कोई इशारा न मिलता।
तुम हो तो धड़कनों में गीत बसते हैं,
बिखरे हुए खयाल भी सलीके से सजते हैं।
मेरे छोटे से आकाश के तुम ही हो सितारे,
जिनके होने से हौसले बरसते हैं।
अगर तुम न होते, मैं खुद से जुदा रहती,
अपने ही सवालों में उलझी, गुमशुदा रहती।
तुम बने हो विश्वास मेरी रूह की तरह,
वरना मेरी पहचान भी खफा रहती।
तुम्हारे होने से मुकम्मल है मेरा जहान,
तुमसे ही जुड़ी है मेरी हर दास्तान।
सोचती हूं कभी तो एहसास होता है,
अगर तुम न होते, क्या होता मेरा नाम-निशान।"
Rekha gupta poem
LafzBindu
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Pratilipi
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