क्या नाम दूं
Author: Alka Tiwari ( membership writer )
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories
🙏 Support — Retting button niche hai
इस कविता को गीत के रूप में सुनें
"दिल के दीवानेपन को अब नाम क्या दूँ,
ये जो खुद से भी आगे निकल गया है।
आशिकी में डूबे इस हाल को अंजाम क्या दूँ,
जब हर ख्वाब उसी के रंग में ढल गया है।
मोहब्बत छुपाने की आदत अब रही नहीं,
ये आँखें हर सच कह जाती हैं।
लफ़्ज़ चुप रहते हैं होंठों पर,
पर धड़कनें सब कुछ बता जाती हैं।
मैंने चाहा था इसे सिर्फ़ महसूस करना,
पर ये मेरी पहचान बन गया।
जो दिल में था एक खामोश एहसास,
आज वही पूरी कहानी बन गया।
अब दुनिया जो चाहे वो समझे,
मुझे इस बात का इल्म नहीं।
जब मेरी ख़ामोशी भी बोल उठे,
तो फिर आवाज़ की कोई ज़रूरत नहीं।
ये इश्क है कोई गुनाह नहीं,
फिर भी सर झुका कर जीती हूँ।
जिसे छुपाना चाहा था सबसे,
आज उसी को साँसों में सीती हूँ।"
Alka tiwari.......
🙏कृपया मुझे रेटिंग ओर प्रोत्साहन दें 👇
( यदि आपको लफ़्ज़बिंदू की सेवाएं पसंद आई तथा इस पर उपलब्ध रचना आपको दिल को छूती है तो आप एक चाय पिला के सहयोग कर सकते है👇)
Pratilipi
Post a Comment