मुस्कुराती हूँ —(मुस्कान के पीछे छुपा दर्द)


Pen 🖊️: SOULFULL LIFE 
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories
🙏 Support: Retting button niche hai

"मुस्कुराती हूँ, जब मन करता है,
मेरे दिल में एक चिंगारी है,
जो रोज़ मुझे जला जाती है।

हर रोज़ कहना होता है बहुत कुछ,
पर रोज़ चुप रह जाती हूँ।
किससे कहूँ अपना दर्द,
कौन है अपना यहाँ —
यही समझ न पाती हूँ।

हर रोज़ चेहरे पर हँसी का मुखौटा लगाती हूँ,
बस कुछ लोगों के सामने।
और जब दिल सच में चाहता है —
तब ही सच में मुस्कुराती हूँ।

पर अब सीखा है मैंने —
दर्द में भी हँसना, और टूटकर भी जीना,
ज़िंदगी चाहे जितनी कठिन हो,
मैं फिर भी… मुस्कुराती हूँ। 

मेरी ये कविता भी आपको बहुत पसंद आएगी—असली दर्द

🙏कृपया मुझे रेटिंग ओर प्रोत्साहन दें 👇 

( यदि आपको लफ़्ज़बिंदू की सेवाएं पसंद आई तथा इस पर उपलब्ध रचना आपको दिल को छूती है तो आप एक चाय पिला के सहयोग कर सकते है👇)


कोई टिप्पणी नहीं

Blogger द्वारा संचालित.
LafzBindu Membership Writer Membership Writer