अजनबी सी ज़िंदगी
🖊️ Pen name: soulfull life
📍 Location: INDIA
✍️ Writes: Poetry / Stories
अजनबी सी बन गई है ये ज़िंदगी,
खुद से ही हर रोज़ रूठी हुई।
हँसते चेहरों के बीच रहते हुए,
अंदर से जाने कितनी टूटी हुई।
खुद को दूसरों के लिए बाँट दिया,
अपनी ही ख़्वाहिशें पीछे छोड़ दीं।
न जाने क्यों हर किसी की सोच में,
अपनी हर एक ख़ुशी तोड़ दी।
सब कुछ देकर भी खाली रह गई,
समझ आज भी मुझको न आई।
क्यों अपने ही हाथों से हर बार,
खुद को ही मैंने सज़ा दिलाई।
इतना सहना अब बोझ सा लगता है,
हर साँस सवाल बन जाती है।
मौत से भी भारी ये ज़िंदगी,
फिर भी रोज़ निभाई जाती है।
आख़िर क्या चाहती हूँ मैं खुद से,
ये सवाल अब दिल में रहता है।
शायद कहीं जीना अभी बाकी है,
Ajnabi si jindgi
Soulfull life.
#lafzbindu
Pratilipi
Bahut achhi kavita hai
जवाब देंहटाएं